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मैं विगत 22 वर्षों से सरस्वती देवयन्तो हवन्ते के पूजारी जन्नूभाई द्वारा स्थापित एवं विकसित राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड टू बी) विश्वविद्यालय में कार्यरत हॅू विद्यापीठ विश्वविद्यालय ही नहीं उससे भी कुछ अधिक है जिसे परिभाषित करना कठिन हैं।

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Maharana Kumbha Kala Kendra


 

प्रतिवेदन

संगीत हमारी सभ्यता को श्रैष्ठतम संस्कृतिक उपलब्धि है, जो वर्ग वर्ण, जाति, धर्म, देशकाल व सम्प्रदायों के मध्य प्रेम सहिष्णुता और सदभाव का संरक्षण करते हुवे सत्चित और आनन्द की वृ़िद्ध करता है, साथ मानव में संगीत चिकित्सा का कार्य भी करता है। संगीत से मानव को असीम आनन्द की प्राप्ति होेती है जो ऊर्जा का संचार करता है।

 

स्थापनाः- अपनी संास्कृति विरासत को भावी पीढ़ी तक संप्रेषित करने के लिए उद्देश्य से स्वप्न दृष्टा की तरह पूजनीय मनीषी पं. श्री जनार्दन राय नागर द्वारा स्वतंन्त्रता प्रााप्ति से पूर्व 1 अगस्त 1946 को महाराणा कुम्भा कला संगीत महाविद्यालय की स्थापना की गई थी।

 

उद्देश्यः-

  • भारतीय कला एवं संस्कृति का संरक्षण, संवर्द्धन करना।
  • संगीत कला की अपनी सांस्कृतिक विरासत को भावी पीढी़ तक संप्रेषित करना।
  • संगीत कला का प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के प्रति रोजगारोन्मुख करना।
  • संगीत कला की आधुनिक प्रतिस्पर्धा में संगीत की प्राचीन पद्धति को जीवित बनाये रखना।
  • छात्र-छात्राओं को संगीत कला में प्रशिक्षण देकर संगीत में उच्च अध्ययन के अवसर प्रदान करना।
  • समाज में संगीत को प्रतिष्ठा एवं सम्मान दिलाना।

 

पाठ्यक्रमः-

 

शिक्षा विभागीय परीक्षाएॅ राजस्थान बीकानेर से भूषण एवं प्रभाकर, स्तर तक की परीक्षाएॅ शास्त्रीय विधाओं यथा कण्ठ संगीत, तबला,बासूरी,हारमोनियम, सितार आदि के अन्तर्गत करवाई जाती है।

 

हाॅबी विषयों के अन्तर्गत यथा स्पेनिश गिटार, केसियो, ढोलक, माउथ आॅरगन, राजस्थानी नृत्य तथा रूचिगत नृत्यों में विद्यार्थियों को उनकी रूचि के हिसाब से प्रशिक्षण दिया जाता है।

 

जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय द्वारा संगीत में स्नातक डिग्री ( बी.ए. म्यूजिक) करवायी जाती है।

 

आयोजनः-

 

4 जुलाई 2017 को पाश्र्व गायक श्री किशोर कुमार का जन्म दिवस मनाया गया। उक्त कार्यक्रम में किशोर कुमार द्वारा गाये गीतों की प्रस्तुति संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के वा.चा. प्रो. शिव सिंह सारंगदेवोत थे जिन्होंने किशोर कुमार के बारे में विद्यार्थियों को बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनशिक्षण एवं विस्तार कार्यक्रम निदेशालय की निदेशक प्रो. मंजु माण्डोत ने की। उन्होंने किशोर कुमार के जीवन से जुड़े रोचक तथ्यों के बारे में बताया। कार्यक्रम का संयोजन कुम्भा कला के प्रभारी श्री बाल कृष्ण शुक्ला ने किया तथा धन्यवाद अनुदेेशक श्री अरूण सालवी ने दिया।

 

इसी तरह संस्थान में 28 सितम्बर 2017 को इस सदी की महान गायक सुश्री लता मंगेशकर तथा 24 दिसम्बर को मोहम्मद रफी का जन्म दिवस मनाया गया। उक्त कार्यक्रम में संस्थान के सभी विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुतिया दी गई।



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